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प्रधानमंत्री कुसुम योजना: किसानों को बड़ा तोहफा, सोलर पंप (Solar Pump) पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी

प्रधानमंत्री कुसुम योजना: किसानों को बड़ा तोहफा, सोलर पंप (Solar Pump) पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी

केन्द्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने व खेती की लागत कम करने योजनाएं लाकर किसानों की तरह-तरह से मदद करना चाहती है।  

केन्द्र सरकार ने इसी कड़ी में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पम्प खरीदने के लिए बहुत अच्छी आकर्षक योजना बनायी है। 

इस योजना के तहत किसानों को सोलर पम्प की लागत का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा देना होगा बाकी सरकार और बैंक क्रेडिट से मिलेगा। आइये जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

किसानों की समृद्धि में सहायक है ये योजना

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प्रधानमंत्री कुसुम योजना के दूसरे चरण में सोलर पम्प खरीदने की जो सब्सिडी दी जा रही है उससे किसान भाई कम से कम पैसे में अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए सिंचाई की सुविधा जुटा सकते हैं। 

इसके अलावा बिजली से चलने वाले छोटे  मोटे काम भी आसानी से कर सकते हैं। इस तरह से किसान भाई अपने परिवार की आर्थिक स्तर उठा सकते हैं। 

साथ ही खेती से जुड़े ऐसे काम भी कर सकते हैं जिनसे किसानों को अतिरिक्त आय मिल सके। इस प्रकार किसान भाई इस योजना से लाभ उठायेंगे तो उनकी कृषि पैदावार भी बढ़ेगी। साथ ही उनके गांव का भी विकास हो जायेगा।

Content

  1. योजना का दूसरा चरण हो गया है शुरू, आवेदन करें
  2. किसानों को क्या लाभ
  3. महाराष्ट्र सरकार दे रही है कितनी सब्सिडी
  4. दूसरे राज्यों में ये है व्यवस्था
  5. पात्रता की शर्तें
  6. आवश्यक दस्तावेज
  7. आवेदन की प्रक्रिया
  8. ऑनलाइन आवेदन ऐसे करें

योजना का दूसरा चरण हो गया है शुरू, आवेदन करें

प्रधानमंत्री कुसुम योजना का दूसरा चरण लागू किया जा रहा है।  योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करना शुरू हो गया है। जो किसान भाई सोलर पम्प खरीद कर योजना का लाभ प्राप्त करनाचाहते हों तो वे आवेदन कर सकते हैं। 

पीएम कुसुम योजना के दूसरे चरण में किसान भाइयों को सिर्फ 10 प्रतिशत का हिस्सा देना होगा बाकी 90 प्रतिशत की सब्सिडी का लाभ मिलेगा।  

इस योजना का 60 प्रतिशत हिस्सा सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में वहन किया जाता है बाकी 30 प्रतिशत हिस्सा क्रेडिट के रूप में बैंक की ओर से दिया जाता है।

किसानों को क्या हो सकता है लाभ

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सोलर पम्प लगाने से किसान भाइयों को सिंचाई के अलावा अन्य वो कार्य जो बिजली से होते हैं, बिना किसी परेशानी के होंगे। साथ बिजली में आत्मनिर्भरता होगी । 

किसान भाइयों को बिजली कटौती, अधिक बिजली बिल या डीजल की महंगाई की समस्या से भी छुटकारा मिल जायेगा। इसके अलावा यदि किसान भाई अपनी जरूरत से अधिक बिजली पैदा कर लेते हैं तो वे उसे ग्रिड को बेच कर घर बैठे लाभ भी कमा सकते हैं।

महाराष्ट्र सरकार दे रही है कितनी सब्सिडी

केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के सहयोग से यह योजना चलायी जा रही है। इस योजना के तहत राज्य सरकारें अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार अपने-अपने राज्य के किसानों को अलग-अलग सब्सिडी दे रहीं है। 

महाराष्ट्र सरकार ने अपने राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पम्प खरीदने वाले किसान भाइयों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दिये जाने का प्रावधान किया है।

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दूसरे राज्यों में ये व्यवस्था

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इसके अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश भी अपने-अपने किसानों को प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पम्प खरीदने वालों को 90 प्रतिशत सब्सिडी दिये जाने की व्यवस्था की है जबकि हरियाणा सरकार ने अपने किसानों को इस योजना के तहत सोलर पम्प खरीदने के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी दिये जाने का प्रावधान किया है।

पात्रता की शर्तें:-

प्रधानमंत्री कुसुम योजना के दूसरे चरण में सोलर पम्प खरीदने वाले किसान भाइयों की पात्रता के लिए कौन-कौन सी शर्ते तय की गयी हैं, जानिये वे इस प्रकार हैं:-

  1. भारत का स्थायी निवासी होना चाहिये
  2. इस योजना में 0.5 मेगावाट से 2 मेगावाट तक की क्षमता वाले सोलर प्लांट के लिए आवेदन किया जा सकता है।
  3. किसानों द्वारा स्वयं निवेश करने पर किसी प्रकार की वित्तीय योग्यता की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि आवेदक किसी डेवलपर कीमदद लेता है तो उस डेवलपर के लिए 1 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की नटवर्ध होना जरूरी होगा।
  4. आवेदनकर्ता के लिए अपनी भूमि के अनुपात में 2 मेगावाट का सोलर प्लांट लगाने क्षमता है तो कोई बात नहीं वरना वितरण निगम द्वारा अधिसूचित क्षमता के अनुसार ही आवेदन किया जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज

  1. आवेदनकर्ता का आधार कार्ड होना चाहिये
  2. आवेदक का राशन कार्ड भी होना चाहिये
  3. आवेदक के पास ऐसा मोबाइल नंबर होना चाहिये जो आधार कार्ड से लिंक हो।
  4. बैंक खाता की डिटेल देनी होगी, बैंक खाता की पासबुक की कॉपी चाहिये।
  5. किसान की जमीन की जमाबंदी की कॉपी
  6. रजिस्ट्रेशन की प्रति
  7. यदि डेवलपर से मदद ली जा रही है तो उसकी सीए द्वारा जारी नेटवर्थ सर्टिफिकेट जरूरी होगा।

आवेदन की प्रक्रिया

प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पम्प खरीद पर सब्सिडी लेने के लिए किसान भाइयों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आपको इसके लिए केन्द्र सरकार की अधिकृत वेबसाइट पर जाना होगा या फिर अपने राज्य की वेबसाइट पर भी जाकर आवेदन कर सकते हैं। 

इसकी पूर्ण प्रक्रिया इस प्रकार होगी। -आपको ऑनलाइन आवेदन के लिए केन्द्र सरकार की वेबसाइट https://mnre.gov.in पर जाना होगा। -यदि आप महाराष्ट्र सरकार के समक्ष आवेदन करना चाहते हैं तो आपको उनकी वेबसाइट  https://kusum.mahaurja.com/solar/benf_login पर जाकर लॉगिन करना होगा। 

इसी तरह अन्य राज्यों की अलग-अलग वेबसाइट पर जाकर भी प्रधानमंत्री कुसुम योजना मे सोलर पम्प खरीदने का आवेदन किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन ऐसे करें -

जब आप वेबसाइट पर लॉगइन करेंगे तो आपको होम पेज पर आवेदन पत्र का लिंक दिखाई देगा। जिसको क्लिक करें। 

क्लिक करते ही आपको आवेदन पत्र सामने ही दिख जायेगा। जिसको पढ़कर उसमें मांगी गयी जानकारी को भर दें।

आपकी जानकारी के अनुसार मांगे गये दस्तावेजों की डिटेल और उनकी स्कैन कॉपी अपलोड कर दें।

इसके बाद फार्म और अपलोड किये जाने वाले दस्तावेजों को एक बार ध्यान से चेक करने के बाद सबमिट कर दें। इस तरह से आपका आवेदन फार्म सरकार के पास जमा हो जायेगा। बाद बाकी सरकार की ओर से कार्रवाई की जायेगी।

हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए 75 % अनुदान दे रही है

हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए 75 % अनुदान दे रही है

हरियाणा सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कुसुम योजना और उत्थान महाभियान के अंतर्गत खेतों में सोलर पंप लगाने का निर्णय किया है। इसके अंतर्गत किसानों को सरकार की तरफ से अच्छा-खासा अनुदान दिया जाएगा। हरियाणा में खेती- किसानी करने वाले कृषकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वर्तमान में उन्हें अपनी फसलों की सिंचाई करने को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। बिजली बिल पर आने वाले खर्चे से उन्हें राहत मिलेगी। क्योंकि, हरियाणा सरकार ने राज्य के किसानों के खेत में सोलर पंप लगाने का निर्णय किया है। हरियाणा सरकार का कहना है, कि सोलर पंप स्थापित करने से किसानों की फसल को वक्त पर पानी मिल सकेगा। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ जाएगा। अब ऐसी स्थिति में किसान पहले की तुलना में अधिक मुनाफा कमा सकेंगे।

सिंचाई के लिए डीजल बिजली खर्च करना पड़ता है

दरअसल, किसानों के समक्ष समयानुसार फसलों की सिंचाई करना एक बड़ी चुनौती रहती है। हरियाणा के समस्त इलाकों में नहर का पानी नहीं पहुंचता है। ऐसी स्थिति में किसान ट्यूबवेल की सहायता से सिंचाई करते हैं। ये सारे ट्यूबवेल बिजली अथवा डीजल से चलते हैं। अब ऐसी स्थिति में समस्त किसान डीजल और बिजली बिल का खर्च नहीं उठा पाते हैं। साथ ही, कभी- कभी गांवों में लंबे समय तक बिजली गायब हो जाती है। इससे भी सिंचाई समयानुसार नहीं हो पाती है। इन्हीं समस्त समस्याओं को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने सोलर पंप लगाने का निर्णय किया है। ये भी पढ़े: सिंचाई समस्या पर राज्य सरकार का प्रहार, इस योजना के तहत 80% प्रतिशत अनुदान देगी सरकार

आवेदन की अंतिम तिथि

हरियाणा सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कुसुम योजना और उत्थान महाभियान के अंतर्गत खेतों में सोलर पंप लगाने का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत किसानों को सरकार अच्छा-खासा अनुदान देगी। यदि किसान भाई अपने खेत में सोलर पंप लगाना चाहते हैं, तो वह आधिकारिक वेबसाइट pmkusum.hareda.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 12 जुलाई तक ही है। इस वजह से किसान भाई अतिशीघ्र अनुदान का फायदा उठाने के लिए आवेदन करें।

योजना का फायदा लेने हेतु आवश्यक दस्तावेज

मुख्य बात यह है, कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा एवं सुरक्षा और उत्थान महाभियान के अंतर्गत किसान भाई अपने खेत में 3 से 10 HP के सोलर पंप स्थापित कर सकते हैं। इसके ऊपर हरियाणा सरकार 75 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान करेगी। विशेष बात यह है, कि इस योजना में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर किसानों को सोलर पंप हेतु अनुदान का लाभ दिया जाएगा। साथ ही, इस योजना का फायदा उठाने वाले कृषकों के पास हरियाणा परिवार पहचान पत्र, आवेदक के नाम पर बिजली पम्प का कनेक्शन और कृषि भूमि का जमाबंदी अवश्य होना चाहिए।